प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने सोमवार को फिल्मों की शूटिंग के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) गाइडलाइन की रिकमंडेशन जारी की है। प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने कहा कि जब भी फिल्म और टीवी इंडस्ट्री को शूटिंग की इजाजत दी जाएगी, उसके बाद सेट पर सोशल डिस्टेंसिंग, कास्ट और क्रू का मेडिकल चेकअप अनिवार्य किया जाए। कोरोनावायरस संक्रमण के मद्देनजर मार्च मध्य से ही फिल्मों की शूटिंग और दूसरी प्रोडक्शन गतिविधियां बंद हैं।
प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की रिकमंडेशन गाइडलाइन
प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने महाराष्ट्र के सीएम को शुक्रिया कहा
प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने सोमवार को ट्विटर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का शुक्रिया अदा किया। गिल्ड ने कहा कि सुरक्षित दायरे में टीवी और फिल्म इंडस्ट्री को दोबारा शुरू करने की अपील पर विचार करने के लिए धन्यवाद। गिल्ड ने एसओपी की रिकमंडेशन जारी की, ताकि जब भी शूटिंग दोबारा शुरू हो तो इन्हें लागू किया जा सके।
| शूटिंग के लिए अनुशंसाओं में कहा गया- हाथ धोना और सैनिटाइजेशन सेट पर अनिवार्य किया जाए। इसके अलावा हर क्रू मेंबर को ट्रिपल लेयर मास्क और ग्लव्स मुहैया करवाए जाएं। पूरी शूटिंग के दौरान इन्हें पहनना जरूरी होगा। क्रू को इंडस्ट्रियल ग्लव्स भी दिए जाएं। |
| एक्टर और दूसरे क्रू के लिए फेस मास्क का विकल्प प्रोटेक्टिव हाफ मास्क के तौर पर दिया जाए। इसे शुरुआत में उन कलाकारों द्वारा पहना जाएगा, जो कोरोना टेस्ट में निगेटिव पाए गए हैं। |
| पूरे स्टूडियो को सैनिटाइज किया जाए। यह काम शूटिंग से पहले रोज किया जाए। सरकारी एजेंसी द्वारा इस काम को अंजाम दिया जाए। |
| सभी क्रू और दूसरे सदस्यों को फिटनेस या फिर डिक्लेरेशन फॉर्म सबमिट करना होगा। प्रोजेक्ट साइन करते वक्त ही इन लोगों को अपने स्वास्थ्य और कोरोनावायरस संक्रमण के बारे में प्रोडक्शन टीम को जानकारी देनी होगी। जब ये सेट पर आएंगे तब भी इन्हें ऐसा ही करना होगा। |
| सेट पर मौजूद हर क्रू और कास्ट मेंबर को सेट पर आने से पहले टेम्परेचर चेकअप के लिए कॉन्टैक्टलेस थर्मोमीटर से गुजरना होगा। इस दौरान उनका तापमान सरकार द्वारा निर्देशित तापमान के मुताबिक होना चाहिए। अगर किसी का तापमान तय सीमा से ज्यादा हो तो उसे सेट पर नहीं आने दिया जाएगा। जब इस व्यक्ति का चेकअप हो जाएगा और यह तय हो जाएगा कि वह काम कर सकते हैं तो उन्हें एक रिस्ट बैंड दिया जाएगा। इससे यह पता चल सकेगा कि सेट पर उनका काम करना सुरक्षित है। |
| अगर किसी सीन में एक्ट्रा एक्टर को दो मीटर से कम दूरी पर रहना हो, ऐसी स्थिति में एक्स्ट्रा का दूसरे कलाकारों की ही तरह चेकअप होगा और उन्हें दूसरे एक्स्ट्रा कलाकारों से अलग रखा जाएगा। |
| शुरुआती तीन महीनों के लिए सेट पर दो जूनियर एमबीबीएस डॉक्टर और सर्टिफाइड नर्स आवश्यक तौर पर मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही एक एंबुलेंस भी लगातार मौजूद रहेगी। |
| 60 साल से ऊपर के क्रू मेंबर को कम से कम तीन महीनों तक ना आने दिया जाए। 60 साल से ऊपर के कलाकारों का इस्तेमाल न्यायसंगत तरीके से ही किया जाए। |
| रोटेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाए ताकि सेट पर शूटिंग के लिए मौजूद क्रू छोटा रहे। प्रोडक्शन, सिक्युरिटी आदि को छोड़कर बाकी सभी विभाग इसका पूरा ख्याल रखें। |
| शूटिंग के दौरान आउडडोर लोकेशन से ज्यादा इनडोर लोकेशन को तरजीह दी जाए। शूटिंग के दौरान लोगों के बीच जरूरी दूरी रखी जाए। आर्ट डिपार्टमेंट लोकेशन शूटिंग से पहले स्थानीय अधिकारियों से सलाह जरूर करें और अपना क्रू कम से कम रखने की कोशिश करें। |
| हेयर और मेकअप आर्टिस्ट के लिए पीपीई किट पहनना अनिवार्य किया जाए। जब भी ये काम करें तो उससे पहले सैनिटाइजेशन जरूरी है। इस दौरान वैनिटी वैन में किसी भी अन्य आदमी को ना रुकने दिया जाए। |
| खाने-पीने और ट्रांसपोर्टेशन वर्कर्स को कोविड वर्क गाइडलाइन का पालन करने के लिए अपनी कार्य क्षमता बढ़ाने की जरूरत होगी। |
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